
Pakistan और Afghanistan के बीच Durand Line पर तनाव खुली भिड़ंत में बदलता दिख रहा है। 22 फरवरी के पाक हमले के बाद अफगान फोर्सेज ने जवाबी कार्रवाई की। सुबह होते-होते पाकिस्तान ने ‘काउंटर अटैक’ की घोषणा कर दी।
साउथ एशिया में एक बार फिर वही सवाल सीमा की लकीर ज्यादा सख्त है या सियासी बयान?
‘Open War’ का ऐलान: इस्लामाबाद का कड़ा रुख
Pakistan के राष्ट्रपति Asif Ali Zardari ने अफगान कार्रवाई को संप्रभुता पर हमला बताया। रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘Open War’ का ऐलान कर सख्त संदेश दिया।
इस्लामाबाद का आरोप है कि हालिया आतंकी हमले के पीछे अफगान जमीन का इस्तेमाल हुआ। काबुल इन आरोपों को खारिज कर रहा है।
तालिबान की चेतावनी: “हर हमले का जवाब”
अफगान पक्ष से तालिबान प्रवक्ता Zabiullah Mujahid ने कहा कि संप्रभुता की रक्षा की जाएगी और हर हमले का जवाब दिया जाएगा।
यह टकराव सिर्फ सीमा पर नहीं, बयानबाजी के मोर्चे पर भी तेज है। “जब माइक्रोफोन गरजते हैं, तो तोपों को भी लगता है हम पीछे क्यों रहें?”
19 चौकियों और 55 सैनिकों के दावे: सच, आधा सच या वॉर-नैरेटिव?
अफगान रक्षा मंत्रालय ने पकतिका, पकतिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान में कार्रवाई का दावा करते हुए 19 पाकिस्तानी पोस्ट कब्जाने और 55 सैनिकों के मारे जाने की बात कही।

Pakistan ने इन दावों को खारिज कर सिर्फ 2 सैनिकों की मौत और 3 के घायल होने की पुष्टि की। युद्ध के शुरुआती घंटों में आंकड़े अक्सर ‘हथियार’ बन जाते हैं जमीन पर सच और प्रेस नोट में सच अलग-अलग दिखते हैं।
हवाई मोर्चा: फाइटर जेट गिराने का दावा
अफगान फोर्सेज ने पाक फाइटर जेट मार गिराने का दावा किया है। Pakistan ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। तकनीकी जांच और स्वतंत्र सत्यापन के बिना दावों की पुष्टि मुश्किल है।
सवाल वही क्या यह सीमित जवाबी कार्रवाई है या लंबा खिंचने वाला संघर्ष?
विवाद की जड़: TTP और सीमा की विरासत
तनाव का केंद्र Tehrik-e-Taliban Pakistan (TTP) और डुरंड लाइन की वैधता का पुराना विवाद है। Kabul ऐतिहासिक दलीलें देता है, Islamabad सुरक्षा चिंताएं।
“सरहदें नक्शे पर सीधी खींची जाती हैं, जमीन पर वे कभी सीधी नहीं रहतीं।”
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